Share Market in Hindi आईये जानें शेयर बाजार को

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Share Market क्या है? What is share market In hindi ?

Share का सीधा सा अर्थ होता है हिस्सा। Share Market की भाषा में बात करें तो Share का अर्थ है कंपनियों में हिस्सा। उदाहरण के लिए एक Company ने कुल 10 लाख Share जारी किए हैं। आप Company के प्रस्ताव के अनुसार जितने अंश खरीद लेते हैं आपका उस Company में उतने का मालिकाना हक हो गया जिसे आप किसी अन्य खरीददार को जब भी चाहें बेच सकते हैं। आप 100 से लेकर अधिकतम Share खरीद सकते हैं। 

What Is The Stock Market, And How Does It Work? – The Definition of a Stock
Company जब Share जारी करती है उस वक्त किसी व्यक्ति या समूह को कितने Share देना हैं यह उसका विवेकाधीन अधिकार है। Market से Share Market खरीदने/बेचने के लिए कई Share Broker होते हैं जो उनके तय पारिश्रमिक (लगभग 2 फीसदी) लेकर अपने Customers को यह सेवा देते हैं। 
इन कंपनियों के Share का मूल्य मुंबई Share Market (BSE) में दर्ज होता है। सभी कंपनियों का मूल्य उनकी लाभदायक क्षमता के अनुसार कम-ज्यादा होता है। इस पूरे Market में नियंत्रण भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) का होता है। इसकी अनुमति के बाद ही कोई Company अपना प्रारंभिक निर्गम इश्यू (IPO) जारी कर सकती है। 

प्रत्येक छमाही या वार्षिक आधार पर कंपनियां लाभ होने पर अंशधारकों को लाभांश भी देती हैं। और Company की गतिविधियों की जानकारी से भी रूबरू कराती है। 

Share Market में Listed होने के लिए Company को Market से लिखित समझौता करना पडता है, जिसके तहत Company अपनी हर हरकत की जानकारी Market को समय-समय पर देती रहती है, खासकर ऐसी जानकारियां, जिससे Investor के हित प्रभावित होते हों। इन्हीं जानकारियों के आधार पर Company का मूल्यांकन होता है और इस मूल्यांकन के आधार पर मांग घटने-बढ़ने से उसके Shares की कीमतों में उतार-चढाव आता है। अगर कोई Company लिस्टिंग समझौते के नियमों का पालन नहीं करती, तो उसे डीलिस्ट करने की कार्रवाई सेबी करता है। 

Share Market में निवेश ( Invest In Share Market Hindi )

Investment Fraud से कैसे बचे ? 

यदि आपको Share Market के बारे में कम जानकारी है अथवा आप इस Market के नये खिलाड़ी हैं या आप चाहते तो हैं कि Market में निवेश करें मगर जानते नहीं कि क्या करें और कैसे करें तो आज हम आपको कुछ Tips देते हैं: 

Tips से दूर रहें: आप भी कहेंगे कि यह क्या घालमेल है। साथ ही कह रहे हैं कि मैं आपको Tips देता हूं और साथ ही कह रहें हैं कि Tips से दूर रहें। वास्तव में मैं आपको किन कंपनियों के Shares में निवेश करें ऐसे Tips नहीं देने वाला। यहां मैं आपको यह बता रहा हूं कि कैसे Share Market में निवेश करें। तो सबसे पहली बात मित्रों, रिश्तेदारों और Broker के बताये Tips पर अथवा Market मैं फैली अफवाहों के आधार पर निवेश न करें। यह बहुत ही खतरनाक हो सकता है। 

स्वयं को शिक्षित करें: 

बैलेंश शीट तथा कंपनियों के नतीजों को पढ़ना और समझना सीखें। यदि आपकी शिक्षा कॉमर्स स्ट्रीम से नहीं है तो थोड़ा और अधिक सावधान रहें। Market के बारे में अधिक से अधिक जानकारी एकत्र करें। नियमित रूप से इक्नॉमिक टाइम्स जैसे समाचार पत्र पड़ें और CNBC आवाज जैसे चैनल देखें। इसके अलावा Internet पर निवेश संबधी जानकारियां एकत्रित करें। जब आपको Market के बारे में आत्मविश्वास जागने लगे तो भी निवेश करने से पहले दो तीन कंपनियों को चुन लें जहां आपको लगे कि निवेश करना सही रहेगा। उसके बाद उन कंपनियों के भावों पर नियमित नजर रखें। कम से कम एक महीना अपनी इन कंपनियों पर नजर रखें। यदि लगे कि आपका चुनाव सही था तो आप Market में जाने के बारे में सोच सकते हैं। 

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शुरुआत कम पूंजी से करें: 
शुरुआत में नाम मात्र का निवेश करें और अनुभव प्राप्त करें। एकदम से बड़ी रकम दांव पर न लागायें। वैसे भी Market में एक साथ बड़ा निवेश करने से बचना चाहिये और अपनी पूंजॊ का एक एक हिस्सा नियमित रूप से निवेश करना चाहिये। 

कैसे होती है सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव की गणना

भारतीय Share Market में इन दिनों उठा पटक जारी है। एक समय 20,000 अंक से ऊपर के रिकार्ड स्तर पर पहुंचने के बाद Share Market 15,000 अंक तक लुढ़क चुका है और इससे Investor में हड़कंप मचा हुआ है। हम अक्सर Share Market में अंकों के चढ़ने और उतरने की चर्चा करते हैं, जैसे Share Market 200 या फिर 300 अंक ऊपर या नीचे गिर गया। पर क्या हम यह जानते हैं कि Share Market के ऊपर उठने या फिर नीचे गिरने की गणना कैसे की जाती है। 

इस अंक में हम यही बताने की कोशिश करेंगे कि आखिर Share Market में उतार चढ़ाव का आकलन कैसे किया जाता है। देश में मुख्य रूप से दो Share Market हैं: मुंबई स्थित बंबई Stock एक्सचेंज (BSE) और National Stock Exchange (NSE)। BSE में सूचीबद्ध कंपनियों के प्रदर्शन को SENSEX से बताया जाता है जबकि NSE में इसे NIFTI के नाम से जाना जाता है। 

अगर हम कहते हैं कि SENSEX ऊपर गया तो इसका मतलब होता है कि BSE में शामिल अधिकांश कंपनियों के Share ने अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं ठीक इसी तरह SENSEX के नीचे लुढ़कने का मतलब होता है, इसमें शामिल कंपनियों के Share के भाव नीचे गिरना। 

SENSEX का आकलन 

BSE में सचीबद्ध 30 कंपनियों के Share के प्रदर्शन के आधार पर SENSEX का निर्धारण किया जाता है। इसके आकलन के लिए मुक्त Market पूंजीकरण विधि का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि यहां ध्यान रखना चाहिए कि SENSEX के आकलन को सटीक बनाने के लिए समय समय पर इन 30 कंपनियों में बदलाव किया जाता है। अब इस तकनीक को जानने के पहले यह समझते हैं कि Market पूंजीकरण क्या है? 

Market पूंजीकरण 

Share के आधार पर किसी Company का कुल मूल्य ही उस Company का Market पूंजीकरण कहलाता है। किसी Company का Market पूंजीकरण पता करने के लिए उस Company के जारी किए गए कुल Share की संख्या को Company के एक Share के भाव से गुना कर दिया जाता है। Company के Market पूंजीकरण के आधार पर ही यह तय किया जाता है कि Company MID-CAP, SMALL-CAP या फिर LARGE-CAP है। Market पूंजीकरण को समझने के बाद हम मुक्त Market पूंजीकरण को समझने की कोशिश करेंगे। 

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मुक्त Market पूंजीकरण 
किसी Company के Share विभिन्न किस्म के Investor के पास होते हैं। इनमें से कुछ Share पर सरकार का कब्जा हो सकता है तो कुछ पर Company के संस्थापक या फिर निदेशकों का। अब मुक्त या फ्री फ्लोट Share उन्हें कहते हैं जिनका कारोबार खुले Market में किया जाता है। यानी जिन्हें कोई भी Investor खरीद सकता है। 

जब हम SENSEX का आकलन करते हैं तो हम दरअसल इन्हीं Share की चर्चा कर रहे होते हैं। मुक्त Share ऐसे Share होते हैं जिन पर Company के संस्थापक, निदेशक या मालिक का कोई हक नहीं होता, जिनपर किसी व्यक्ति या इकाई की होल्डिंग्स का हक नहीं होता। जिनपर सरकार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), निजी कारोबारी इकाइयों, एसोशिएट या समूह कंपनियों कर्मचारी वेलफेयर ट्रस्ट का हिस्सा न हो। 

साथ ही ऐसे Share जो LOCKED IN की श्रेणी में आते हैं और जिन्हें आम Investor के लिए जारी नहीं किया जाता है, वे भी मुक्त Share नहीं कहलाते। हर Company को BSE को संपूर्ण REPORT सौंपनी होती है कि उसके कितने Share किन किन लोगों के पास हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर BSE तय करती है कि Company के मुक्त Share कितने हैं और Company का मुक्त Market पूंजीकरण कितना है। 

पूंजी Market का क्या कार्य है?

पूंजी Market अर्थव्यवस्था में पूंजी निर्माण को बढ़ाता है और इसमें शामिल हैं – 

  • प्राथमिक Market एक ऐसा स्थान है जहां कंपनियों के नए प्रस्तावों को एक आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) या अधिकार जारी करने के रूप में क्रियान्वित किया जाता है।
  • द्वितीयक Market एक ऐसा Market है जहां प्रतिभूतियों को प्राथमिक Market में जनता के लिए पेश किए जाने के बाद Trade किया जाता है और/या Stock Exchange पर सूचीबद्ध होता है। अधिकांश Trending इसी Market में की जाती है जिसमें इक्विटी Market और ऋण Market शामिल हैं। 

एक इक्विटी Share क्या है?

एक इक्विटी Share स्वामित्व के प्रारूप को प्रदर्शित करता है। ऐसे एक Share का धारक Company का एक Member होता है और उसके पास मतदान का अधिकार होता है। 

इसमें क्या जोखिम हैं?

इक्विटी Share “उच्च जोखिम, उच्च रिटर्न निवेश” होते हैं। इक्विटी निवेश और सभी अन्य निवेश विकल्पों में प्रमुख अंतर यह है कि जहां अन्य विकल्पों जैसे Bank जमा, लघु बचत योजनाओं, डिबेंचर, Bond आदि से मिलने वाला लाभ निर्धारित और निश्चित होता है, वहीं इक्विटी निवेशों से होने वाली कमाई बेहद अनिश्चित और विविध होती है। सही समय पर ली गई एक अच्छी स्क्रिप काफी अच्छा रिटर्न दिला सकती है, अन्यथा रिटर्न बेहद कम भी हो सकता है या यह ऋणात्मक भी हो सकता है, यानी निवेश किया गया फ़ंड स्वयं भी धीरे धीरे ख़त्म हो सकता है। संक्षेप में, यदि स्थिर आय श्रेणी साधनों में निवेश काफी हद तक सुरक्षित और जोखिम मुक्त होता है, तो इक्विटी और संबंधित क्षेत्रों में निवेश जोखिम भरा माना जा सकता है। 

लाभांश क्या है?

लाभांश, Company द्वारा अपने Investor में वितरित लाभ का एक हिस्सा होता है। इसे प्रायः Share अंकित मूल्य या PAID-UP VALUE (चुकता मूल्य) के प्रतिशत के रूप में घोषित किया जाता है। 

डिजिटल भुगतान क्या हैं और कैसे करे ?

एक Bonus Share क्या है?
कंपनियों द्वारा अपने Share धारकों के लिए पिछले वर्षों में अर्जित संचित लाभों के पूंजीकरण द्वारा निःशुल्क में जारी किए गए एक Share को Bonus Share कहा जाता है। 

एक Bond क्या है?

एक Bond, किसी Company या सरकार द्वारा इसके उधारदाताओं के लिए जारी किया गया एक वचनपत्र होता है। एक Bond ऋण का वह साक्ष्य है, जिस पर जारीकर्ता Company Bond धारक को प्रायः निर्दिष्ट समयांतरालों के लिए ब्याज की एक निर्दिष्ट राशि का भुगतान करने का वादा करती है, और समाप्ति तिथि पर मूल ऋण चुकाने का वादा करती है। एक Bond Investor जारीकर्ता को धन उधार देता है और बदले में, जारीकर्ता एक निर्दिष्ट परिपक्वता तिथि पर ऋण राशि चुकाने का वादा करता है। 

एक डिबेंचर क्या है?

यह प्रायः एक निश्चित ब्याज दर के साथ Company द्वारा जारी किया गया एक Bond है जिसका भुगतान सामान्यतः निर्दिष्ट तिथियों पर छमाही रूप से किया जाता है और मूलधन का भुगतान एक विशेष तिथि पर डिबेंचरों को रिडीम करने (भुनाने द्वारा) पर किया जाता है। डिबेंचर्स को सामान्यतः डिबेंचर धारक के पक्ष में Company की संपत्ति के एवज में सुरक्षित/प्रभारित किया जाता है। 

Stock Exchange क्या है?

एक Stock Exchange वह स्थान है जहां क्रेता और विक्रेता एक व्यवस्थित ढंग से Shares में Trade करने के लिए मिलते हैं। वर्तमान समय में देश में 25 मान्यता प्राप्त Stock Exchange हैं जो प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 द्वारा शासित हैं। 

मैं कौन से Share खरीद सकता हूं?

आप वे Share खरीद सकते हैं जो किसी भी मान्यता प्राप्त Stock Exchange पर सूचीबद्ध हों। 

मुझे अपने Share Market संबंधित लेनदेनों के लिए किससे संपर्क करना चाहिए?

Stock Market में Share खरीदने या बेचने में सक्षम होने के लिए एक ग्राहक को जियोजित BNP पारिबा जैसे एक Stock Broker के साथ पंजीकृत होने की आवश्यकता होती है, जिसने Stock एक्सचेंजों में Membership ग्रहण की है और जो सेबी के साथ पंजीकृत हो। 

क्या मुझे Broker या Sub-Broker के साथ किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता है?

हां, आपको समय-समय पर अपनी ओर से Trade निष्पादित करने के लिए और ग्राहक पंजीकरण फ़ॉर्म मेंटेन करने के लिए Member को सक्षम बनाने हेतु अपने से संबंधित विवरण प्रस्तुत करने के लिए, एक Broker को अधिकृत करने के उद्देश्य से \’Member-क्लाइंट समझौता\’ पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होती है। 

एक Member-Client Agreement फ़ॉर्म क्या है?

यह फ़ॉर्म गवाहों की उपस्थिति में क्लाइंट और Broker के बीच किया गया एक अनुबंध है जिसमें ग्राहक, Broker की प्रतिभूतियों में सौदेबाजी की क्षमताओं से संतुष्ट होने के बाद, उसके माध्यम से संबंधित एक्सचेंज पर सूचीबद्ध प्रतिभूतियों में Trade/निवेश करने के लिए (इच्छुक) सहमत होता है। 

खरीदना और बेचना क्या है?

ऐसे कई प्रकार के ऑर्डर हैं जिनके बारे में आप एक Broker को निर्देशित कर सकते हैं। सबसे सामान्य प्रकार का ऑर्डर, जो नियमित क्रय या विक्रय ऑर्डर है, उसे मार्केट (Market) ऑर्डर कहा जाता है। ऑर्डर का एक अन्य प्रकार एक लिमिट (सीमित) ऑर्डर है जिसमें आप Broker से केवल तभी Trade करने के लिए कह सकते हैं यदि कीमत एक विशिष्ट स्तर तक पहुंचती है। एक स्टॉप (रोक) ऑर्डर में, आप महत्वपूर्ण हानि को रोकने के लिए Broker से अपने Shares को बेचने के लिए कह सकते हैं यदि मूल्य एक निश्चित स्तर तक गिर जाता है क्योंकि यदि यह उस स्तर तक गिरता है तो इसके आगे और गिरने की संभावना है और आपकी हानि बढ़ने की संभावना है। 

मैं अपने ऑर्डर कैसे करुं?

फ़ोन के माध्यम से या जियोजित के ऑफ़िस में व्यक्तिगत रूप से आने के द्वारा या जियोजित द्वारा प्रदान की गई किसी भी अन्य सुविधा जैसे Internet Trending के माध्यम से Trending की जा सकती है। डीलर (जियोजित का कर्मचारी, जिसे Stock एक्सचेंज ऑर्डर सिस्टम में Investor के ऑर्डर इनपुट करने के लिए रखा गया है), कॉल करने वाले व्यक्ति की प्रामाणिकता की जांच करने और खाते में उपलब्ध मार्जिन की जांच करने के बाद Stock Exchange सिस्टम में ऑर्डर दर्ज करेगा। 

बुलिश (बढ़त) और बियरिश (मंदी) के रुझान का क्या तात्पर्य है?

जब Market ऊपर जाता है तो इसे बुलिश (बढ़त) का रुझान और जब Market नीचे जाता है तो इसे बियरिश (मंदी) का रुझान कहा जाता है। 

एक पॉजिशन (स्थान) लेना क्या है?

जब आप किसी Stock पर कार्य करते हैं और इसे खरीदते हैं, तो इसका अर्थ है कि आप एक स्थान ले रहे हैं। Position, अनुकूल मूल्य उतार-चढ़ाव की प्रत्याशा में एक निवेश में लगाए गए धन की राशि है। पॉजिशन दो प्रकार के होते हैं :- 

LONG POSITION (दीर्घ स्थितियां) वे हैं जिसका अधिकांश लोग प्रयोग करते हैं। जब आप लांग पॉजिशन खरीदते हैं, तो इसका अर्थ है कि आपको मूल्य में वृद्धि होने की आशंका है, और इस तरह आप लाभ प्राप्त करते हैं। लोग प्रायः बाद में उच्च कीमतों पर बेचने की उम्मीद से वर्तमान मूल्यों पर Share खरीदते हैं और इस प्रकार लाभ प्राप्त करते हैं।

SHORT POSITION (लघु स्थितियां) पेचीदा होती हैं। जब आप SHORT POSITION खरीदते हैं, तो आपको कीमत में गिरावट की आशंका होती है और गिरावट आपके लाभ का स्रोत है। Share को पहले बेचा जाएगा और बाद में मूल्य गिरने पर उन्हें पुनः खरीदा जाएगा और वापस कर दिया जाएगा और अंतर, Investor का लाभ होता है। बेशक, Investor के लिए जिसने Share उधार लिए हैं, मूल्य के प्रत्याशा के समान न बढ़ने/घटने का जोखिम होता है, ऐसी स्थिति में वह Share की पुनर्खरीद में नुकसान उठा सकते हैं। 

Index (सूचकांक) क्या है?

Index (सूचकांक) एक Stock Market (Share Market) का वह सूचक है जिसे एक संपूर्ण Market या Market से ली गई प्रतिभूतियों के एक नमूने पर आधारित Market के एक खंड के प्रदर्शन की एक सांख्यिकीय माप के रूप में बनाया जाता है। इस प्रकार, एक Index, Market के एक खंड या Market के समग्र प्रदर्शन का मूल्यांकन करने का एक साधन है। एक Index समग्र Market उतार-चढ़ाव की माप है। एक सामान्य Market सूचक होने के अलावा, Index, व्यक्तिगत पोर्टफ़ोलियो के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए प्रयुक्त एक मानक है। पेशेवर धन प्रबंधक हमेशा Market में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे, यानी वे हमेशा Index की तुलना में बेहतर करने की कोशिश करेंगे। उदाहरण के लिए, यदि एक पोर्टफ़ोलियो का मूल्य 10% बढ़ता है और वहीं Index केवल 5% बढ़ता है, तो इसका अर्थ है कि पोर्टफ़ोलियो Market से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। 

हमारे यहां 2 प्रसिद्ध सूचकांक हैं, नामतः- 

बीएसई सेंसिटिव (BSE SENSEX) और

एस एंड पी निफ़्टी 50 (NIFTI

BSE SENSEX में 30 बड़ी पूंजी वाली (लार्ज- कैप) कंपनियां शामिल हैं। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह बॉम्बे Stock एक्सचेंज (बीएसई) पर एक प्रमुख Index है।.

निफ़्टी में नेशनल Stock एक्सचेंज (एनएसई) पर 50 बड़ी पूंजी वाली (लार्ज- कैप) कंपनियां शामिल हैं। 

Trade करने की कार्यविधि क्या है?

मार्केट वॉच, अर्थात स्क्रीन खुली रखने के दौरान Trade स्क्रीन पर सामान्य रूप से निम्न कॉलम दिखाई देंगे – 

  • सर्वश्रेष्ठ बोली कीमत
  • सर्वश्रेष्ठ बोली मात्रा
  • सर्वश्रेष्ठ प्रस्तावित कीमत
  • सर्वश्रेष्ठ प्रस्तावित मात्रा
  • पिछली Trade की गई कीमत 

ऊपर दिए गए पहले 2 LINE में Stock एक्सचेंज में एक विशेष Share के लिए उपलब्ध खरीदारों को प्रदर्शित किया जाता है और अगले 2 LINE में उपलब्ध विक्रेताओं को प्रदर्शित किया जाता है, और पांचवां उस मूल्य को प्रदर्शित करता है जिस पर पिछला Trade किया गया है। इसलिए, जब एक InvestorMarket Value” पर कोई Share खरीदना चाहता है तो आदर्श रूप में तीसरा और चौथा यह दर्शाएगा कि व्यक्ति एक निर्धारित मूल्य पर कितने Share प्राप्त कर सकता है। क्लाइंट एक सीमित (लिमिट) मूल्य ऑर्डर भी जारी कर सकता है जिसे तब तक ऑर्डर बुक में रखा जाएगा जब तक यह उस मूल्य समय प्राथमिकता तक पहुंच न जाए जब Trade को निष्पादित किया जा सकता है। 

Contract (संविदा) नोट क्या है?

Contract (संविदा) नोट, क्लाइंट की ओर से एक विशेष दिन पर किए गए Trades का एक पुष्टिकरण है। यह Trades के सेटलमेंट के संबंध में ग्राहक और जियोजित के बीच एक कानूनी रूप से प्रवर्तन योग्य संबंध स्थापित करता है। Contract नोट में, सेटलमेंट संख्या, ऑर्डर संख्या, Trade संख्या, Trade का समय, Trade की मात्रा और मूल्य, लगाया गया Brokerage शुल्क, आदि को प्रदर्शित किया जाएगा और इसे जियोजित के किसी प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा। 

पे-इन डे और पे-आउट डे क्या है?

पे-इन डे वह दिन है जब Broker एक्सचेंज को प्रतिभूतियों का भुगतान या डिलीवरी करेगा| पे-आउट डे वह दिन है जब एक्सचेंज Broker को प्रतिभूतियों का भुगतान या डिलीवरी करता है। 

एक डिपॉजिटरी क्या है?

एक डिपॉजिटरी की तुलना एक Bank से की जा सकती है। एक डिपॉजिटरी, इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में Investor की प्रतिभूतियों (जैसे Share, डिबेंचर्स, Bond, सरकारी प्रतिभूतियों, यूनिटों, आदि) को होल्ड करती है। प्रतिभूतियों को होल्ड करने के अतिरिक्त, एक डिपॉजिटरी प्रतिभूतियों के लेनदेन से संबंधित सेवाएं भी प्रदान करती है। भारत में दो डिपॉजिटरीज़ हैं, जिनके नाम, अ) नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) और ब) सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज़ लिमिटेड (सीडीएसएल) हैं, दोनों ही सेबी द्वारा विनियमित है। जियोजित बीएनपी पारिबा एनएसडीएल का एक डिपॉजिटरी भागीदार है और इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में आपकी प्रतिभूतियों को होल्ड करता है। 

मुझे एक डीपी के साथ एक खाता खोलने के लिए क्या करना चाहिए?

आप जियोजित बीएनपी पारिबा या अपनी पसंद के किसी भी डीपी से संपर्क कर सकते हैं और एक खाता खोलने के लिए फ़ॉर्म भर सकते हैं। एक खाता खोलने के समय, आपको एनएसडीएल निर्धारित मानक समझौते में डीपी के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करना होता है, जिसमें आपके और आपके डीपी के अधिकार और कर्तव्यों का विवरण शामिल होते हैं। 

Market Trade (Market Trade) और Off Market (Market के बाद Trade) का क्या अर्थ है?
एक क्लियरिंग कार्पोरेशन के माध्यम से किए गए किसी भी Trade को ‘Market Trade’ .है। इन Trades को एक Stock Exchange पर Stock Brokerage के माध्यम से किया जाता हैं। Off Market Trade  वह Trade होते हैं जो एक क्लियरिंग कार्पोरेशन की भागीदारी के बिना सीधे दो पार्टियों के बीच किए जाते हैं। उसी डिलिवरी निर्देश पर्ची को या तो Market Trade या Off Market Trade नामक दो विकल्पों में से किसी एक को चिह्नित करके दोनों के लिए प्रयोग किया जा सकता है। 
मैं जियोजित को/से Share कैसे डिलिवर या प्राप्त कर सकता हूं?

बिक्री के मामले में, Investor को Shares को निर्दिष्ट सेटलमेंट संख्या के साथ जियोजित के पूल खाते में Transfer करने की आवश्यकता होगी। बीएसई पर बेचे गए Shares के लिए पूल खाता संख्या IEN603287 और NSE के लिए IEN 506594 है। डिलिवरी आवश्यक रूप से Investor के Demate Account से ही होनी चाहिए, और किसी भी अन्य व्यक्ति के खाते से नहीं होनी चाहिए। इसी प्रकार, जियोजित, खरीदे गए Shares को सीधे Investor के Account में Transfer कर सकता है। 
मुझे एक बिक्री लेनदेन के लिए अपने पैसे प्राप्त करने और एक खरीद लेनदेन के लिए अपने Share प्राप्त करने में कितना समय लगेगा?
जियोजित द्वारा Customers के लिए FUND और प्रतिभूतियों का PAY-IN, PAY-OUT के 24 घंटे के भीतर किया जाएगा। 

एक रोलिंग सेटलमेंट क्या है?

एक रोलिंग सेटलमेंट में, दिन के दौरान निष्पादित Trades का सेटलमेंट, दिन के लिए शुद्ध दायित्वों के आधार पर किया जाता है। NSE और BSE में, रोलिंग सेटलमेंट से संबंधित Trades का सेटलमेंट एक T+2 दिन आधार पर किया जाता है, जहां T का अर्थ Trade का दिन है। इसलिए सोमवार को निष्पादित Trade का सेटलमेंट सामान्यतः बुधवार को किया जाता है (Trade के दिन से 2 कार्य दिवसों को ध्यान में रखते हुए)। Fund और प्रतिभूतियों का Pay-In और Pay-Out, T+2 दिन के आधार पर किया जाता है। 

नीलामी (ऑक्शन) क्या है?

बेचने वाले Trending Member द्वारा प्रतिभूति की डिलिवरी न होने के एवज में यह सुनिश्चित करने के लिए Exchange द्वारा प्रतिभूतियों को नीलामी (ऑक्शन) के लिए रखा जाता है कि खरीदने वाले Trending Member ने अपनी शेष प्रतिभूतियां प्राप्त कर ली हैं। Trending Member द्वारा गैर-डिलिवरी, शॉर्ट डिलिवरी के कारण हो सकती है। Exchange, नीलामी (ऑक्शन) Market से आवश्यक मात्रा खरीदता है और उन्हें खरीदने वाले Trending Member को दे देता है। 

क्या होगा यदि मैं पे-इन डे में पैसे का भुगतान नहीं कर पाता हूं या Share डिलिवर नहीं कर पाता हूं?

आपकी ओर से खरीद के मामले में, उस स्थिति में Member Broker के पास प्रतिभूतियों को बेचकर लेनदेनों को पूर्ण करने की स्वतंत्रता होती है यदि आप संबंधित सेटलमेंट अवधि के लिए Stock Exchange द्वारा निर्धारित पे-इन डे के पहले अनुबंध के निष्पादन के लिए Broker को पूर्ण भुगतान करने में असफल होते हैं या आपके पास पहले से ही Broker के साथ एक समतुल्य Credit है। बिक्री के मामले में होने वाली कमी (शॉर्टेज) को नीलामी (ऑक्शन) की प्रक्रिया के माध्यम से पूरा किया जाता है और मूल्य में अंतर को Contract Note में प्रदर्शित किया जाता है और नीलामी के माध्यम से प्राप्त मूल्य का भुगतान Member द्वारा Exchange को किया जाता है जो बाद में ग्राहक से वसूल करने के लिए उत्तरदायी है। दोनों ही मामलों में लेनदेनों में किसी भी नुकसान को आपके द्वारा भुगतान की गई मार्जिन मनी से घटाया जाएगा। 
क्या होगा यदि नियत तिथि पर मुझे मेरे पैसे या Share नहीं मिलते?

यदि कोई Brocker समय पर आपको पैसे/Share का उचित भुगतान करने या डिलिवर करने में विफल रहता है या आप Broker के आचरण के खिलाफ कोई शिकायत करना चाहते हैं, तो आप संबंधित Stock Exchange में Complaint दर्ज कर सकते हैं। Exchange से सभी शिकायतों को हल करने की अपेक्षा की जाती है। विवाद को सुलझाने के लिए शिकायतकर्ता मध्यस्थता का सहारा भी ले सकता है जैसा Contract Note /खरीद या बिक्री नोट के पीछे दिया गया है। हालांकि, यदि Stock एक्सचेंजों द्वारा शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जाता है या अनावश्यक रूप से देरी की जाती है, तो शिकायतों को समर्थन दस्तावेज़ों के साथ सेबी के द्वितीयक Market विभाग को भेजा जा सकता है। एक्सचेंजों द्वारा आपकी शिकायत के शीघ्र निवारण के लिए कार्यवाही की जायेगी। एक Sub-Broker के खिलाफ शिकायत के मामले में, शिकायत को निवारण के लिए संबंधित Broker को भी भेजा जा सकता है जिसके साथ वह Sub-Broker संबद्ध है। 

Broker के अलावा वे अतिरिक्त प्रभार/शुल्क कौन कौन से हैं, जो Investor पर लगाए जा सकते हैं?

Trending Member को निम्न TAX का भुगतान करना पड़ सकता है: 

  • प्रतिभूति लेनदेन कर।
  • लागू Service Tax
  • NSE द्वारा लिए गए लेनदेन प्रभार (शुल्क), स्टांप ड्यूटी और लेनदेन से सीधे संबंधित अन्य प्रभार।
  • NSE द्वारा लिए गए लेनदेन प्रभार (शुल्क), स्टांप ड्यूटी और लेनदेन से सीधे संबंधित अन्य प्रभार। 

मार्जिन का भुगतान कैसे किया जाता है?

Exchange, समय-समय पर मार्जिन के नियम निर्धारित करता है, जिनकी गणना वर्तमान में जोखिम मॉडल के मूल्य के आधार पर की जाती है। Investor द्वारा ऑर्डर देने से पहले मार्जिन का भुगतान किया जाना चाहिए। 

Investor के क्या अधिकार हैं?

मूल्य/लगाए गए Brokerage शुल्क का प्रमाण, समय पर पैसा/Share, खातों के विवरण और Trending Member से Contract Note। 

Investor के क्या दायित्व हैं?

  • एक उचित Member-संघटक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का
  • एक मान्य अनुबंध या खरीद/बिक्री नोट रखने का
  • समय पर प्रतिभूति डिलिवर करने और भुगतान करने का
  • Trade से पहले मार्जिन प्रदान करने का 

उन कौन से विभिन्न प्रकार के खाते हैं जिनकी मुझे जियोजित के साथ Internet के माध्यम से Trade करने के लिए आवश्यकता होती है?

Online Trending करने में सक्षम होने के लिए तीन प्रकार के खातों की आवश्यकता होती है। वे निम्नलिखित हैं: 

जियोजित बीएनपी पारिबा के साथ E-Broking खाता

जियोजित बीएनपी पारिबा के साथ डिपॉजिटरी भागीदार (डीपी) खाता

उस Bank का Bank Account जिसने ” जियोजित बीएनपी पारिबा” के साथ एक इंटरफेस विकसित किया है, जैसे – HDFC Bank, UTI Bank, CITY Bank जैसे नामित Bank। 

कर की दृष्टि से भारतीय इक्विटी में निवेश करने के निहितार्थ क्या हैं?

निवेश लाभों पर कर की दरों को दीर्घावधि और अल्पावधि पूंजी लाभों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। 

दीर्घावधि पूंजी लाभ 

वे दीर्घावधि निवेश जिन्हें 12 महीने से अधिक के लिए Hold किया जाता है, दीर्घावधि पूंजी परिसंपत्तियां कहलाते हैं। ऐसी परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त लाभ को दीर्घावधि पूंजी लाभ (LTCG) कहा जाता है जिस पर नवीनतम Budget अधिसूचना के अनुसार कोई भी कर नहीं लगेगा। 

अल्पावधि पूंजी लाभ 

वे Share जिन्हें 12 महीने से कम के लिए Hold किया जाता है, अल्पावधि पूंजी परिसंपत्तियां कहलाते हैं, जिन पर नवीनतम Budget अधिसूचना के अनुसार 10% कर लगेगा। 

एक Portfolio Manager किसे कहते है?

कोई भी व्यक्ति जो एक ग्राहक के साथ एक अनुबंध या व्यवस्था के अनुसार, ग्राहक के फ़ंड या प्रतिभूतियों के Portfolio के प्रबंधन या प्रशासन के लिए Advice देता है या निर्देशन करता है या ग्राहक की ओर से संचालन करता है (चाहे एक विवेकाधीन Portfolio Manager हो या न हो), उसे Portfolio Manager कहते है। जियोजित एक ‘सेबी’ पंजीकृत Portfolio Manager (पंजीकरण संख्या – INP 000000316) है जो उन निवासियों को, जो न्यूनतम 10 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं और उन गैर-निवासियों को, जो न्यूनतम 25 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं, विवेकाधीन Portfolio प्रबंधन सेवाएं प्रदान करता है। 

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15 COMMENTS

  1. very Gud but I want some more information in share market stock exchange how too manage our account …iimprove our amount rise…….every or every week ……

  2. Wahh,yah 1 hi article padhkar share market,nifty,sensex,stock market,bonds,mutual funds,derivatives se smbndhit sari jaankari prapt ho gai,sabhi topics se smbhit jaankari bahut hi saral bhasa me smjaai gai he jo koi bhi insaan aasani se samaj shakata he,me kaafi samay se share market ke baareme achchhe se jaankari praapt karna chahta tha jo aaj jaakar muje mili he,thank you for sharing this information

  3. Bahut hi acha laga इस article ko padhkr kyoki hme share ke bare me ak bhi jankari nhi thi….

    आप ka बहुत बहुत धन्यवाद

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